English   आज दिन   2018  समय  08:11:06

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के. पी. रत्न निर्धारण

 

परम्परागत ज्योतिष के अनुसार आजकल जन्मपत्रिका देखते हीं अमुक रत्न धारण करने तुरन्त की सलाह दे देते है जो कि पूर्ण उचित नहीं है। क्योंकि ज्योतिष द्वारा रत्न धारण से सम्बन्धित की गई शोघ अनुसार हर व्यक्ति को रत्न धारण नहीं कराया जा सकता।

 

इस प्रकार जिस जातक की कुण्डली के अनुसार कोई भी रत्न धारण करने की मनाही होती है और वह जातक उस रत्न को धारण कर लेता है या केाई धातु से सम्बन्धित लाकेट एवं छल्ला धारण कर लेता है तो निश्चित रूप से उसको रत्न से सम्बन्धित स्वामी ग्रह की दशा - भुक्ति - अन्तरा - सूक्ष्मावधि में हानि उठानी पड़ती है या किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होता।

 

अतः जातक रत्न धारण करें या न करें, यदि करें तो कौन सा रत्न धारण करें इस बारे में सही सलाह केवल के. एस. कृष्णामूर्ति पद्धति का अनुकरण करने वाले ज्यातिषी द्वारा जानकारी प्राप्त की जा सकती है।