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मुहूर्त्त

1. पंचांग :- तिथियों के नाम, तिथियों के प्रकार, दग्ध संज्ञक तिथियाँ, विष संज्ञक तिथियाँ, हुताशन संज्ञक तिथियाँ, नक्षत्रों के नाम व संख्या, अभिजित नक्षत्र, पंचक विचार, मूल संज्ञक, ताराओं के नाम, योग, योगों के नाम, योगचक्र, निन्द्ययोग, करण, करणों के नाम,करणों के स्वामी, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूर्णिमा तक का करण, कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक का करण, करणों की शुभाशुभता, भद्रा, भद्रा, भद्रा वास, भाद्रा मुख और पुच्छ, अयन, उत्तरायण, दक्षिणायण, सामान्यतया सभी कार्यों में लग्न शुद्धि, सामान्य दिन शुद्धि, चौघड़िया मुहूर्त्त, राहुकाल, कार्यसिद्धि के लिए होरा मुहूर्त्त, किस होरा में कौन सा कार्य करें।

 

2. योग :- योग विचार, सर्वार्थसिद्धियोग, सिद्धियोग, वार नक्षत्र जनित अमृत योग, तिथि वार जनित अमृतयोग, रविपुष्ययोग, गुरुपुष्ययोग, राज्यप्रदयोग, रवियोग, प्रशस्तयोग, अभिजित मुहूर्त्त, त्रिपुष्करयोग, द्विपुष्करयोग, मृत्युयोग, कालयोग, दग्धयोग, विषयोग, हुताशनयोग, यमघण्टयोग ।

 

पंचांग में पाँच अंग होते हैं :- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। इन्हीं के आधार पर शुभ समय निश्चित किया जाता है। इन पाँचों का परिचय और इन्हीं पाँचों के आपस में मिलने से अनेक शुभ अथवा अशुभ फल देने वाले समय प्राप्त होते हैं, उनका ज्ञान रखना परम आवश्यक है। समय के शुभाशुभ ज्ञान के द्वारा मुहूर्त्त निकाला जाता है।

 

मुहूर्त्त दो प्रकार के होते हैं - एक सामान्य :- जिस मुहूर्त्त में तिथि, वार, नक्षत्रादि का विचार न किया जाए उसे सामान्य मुहूर्त्त कहते हैं। उदाहरण चौघड़िया , अभिजित् आदि ।

 

दूसरा विशिष्ट सामान्य मुहूर्त्त :- विशिष्ट मुहूर्त्त जिस मुहूर्त्त में जातक के राशि नक्षत्रानुसार तिथि, वार, नक्षत्रादि का विचार किया जाए, उसे विशिष्ट मुहूर्त्त कहते हैं। उदाहरण विवाह, सेवा करण, वाहन क्रय आदि ।  

 

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विवाह बच्चे के जन्म संस्कार शिक्षा
व्यापार प्रारम्भ औद्योगिक प्रतिष्ठान चिकित्सा
चुनाव सम्बंधित नौकरी न्यायालय
भवन/नींव मुहूर्त्त चिन्तन करना विविध निर्माण
अधिकार विविध/फूटकर मंदिर निर्माण/मुर्ति प्रतिष्ठा करना
रत्न धारण, रत्न प्राण प्रतिष्ठा दीपावली पूजन मुहूर्त्त कालसर्प योग पूजा मुहूर्त्त
वाहन खरीदना सम्पत्ति खरीदना एवं बेचना यात्रा
यज्ञ-अनुष्ठान बोरिंग

विवाह

1. सगाई का मुहूर्त्त।

2. लड़की की सगाई करने जाने का मुहूर्त्त।

3. लडके की सगाई करने जाने का मुहूर्त्त।

4. विवाह मण्डप में बैठने का मुहूर्त

5. आयोजित ब्रह्म विवाह मुहूत

6. तेल चढाने का मुहूर्त

7. वधू प्रवेश का। नव विवाहिता वधू का वधूप्रवेष के अनन्तर पिता के गृह को लौटकर पुनः पति गृह ’गमन’ ’द्विरागमन’ उर्फ मुकलावा होने का।

8. दुल्हन द्वारा पहली बार भोजन बनाने का।

9. शादी के बाद हनीमुन मनाने का।

बच्चे के जन्म संस्कार

1. शल्य क्रिया द्वारा बच्चे को जन्माने का।

2. विवाह के बाद प्रथम बार गर्भधारण होने पर मुहूर्त्त

3. गर्भधान मुहूर्त

4. सीमन्तोन्नयन मुहूर्त

5. विष्णु पूजा आठव­मास में पूजन का मुहूर्त्त विष्णू पूजा

6. शिशु . स्तन्यपान पान मुहूर्त्त

7. जन्म के 31 दिन बाद गाय का दूध पिलाना

8. शिशु . ताम्बूल भक्षण मुहूर्त्त

9. नामकरण करना।

10. नवजात शिशु को पहली बार अन्न खिलाना। अन्न भक्षण कराने को ’’अन्नप्राशन’’ कहते हैं।

11. केशान्तकर्म मुहूर्त्त चुडाकरन/मुण्डण कराने का।

12. कान झेदने या कर्ण भेद करने का।

13. उपनयन ;जनेऊ संस्कार जनेऊ धारण कराने का।

14. दोलारोहन शिशु को पहली बार झूले में झुलाना पालने में झुलाने का।

15. निष्क्रमण मुहूर्त्त पहली बार बालक को घर से बाहर निकालने का।

16. भूम्युपवेशन मुहूर्त्त भुमि पर बैठाने का।

17. प्रसूता स्नान शिशु के जन्म के एक सप्ताह बाद स्नान कराना।

18. शिशु की माता द्वारा कुआ आदि की पूजा करना

19. बच्चे को गोद लेने का।

शिक्षा

बच्चे को सर्व प्रथम विद्यालय में प्रवेश दिलाने का।

मेरे को बड़े विद्यालय में प्रवेश मिलेगा या नहीं।

नृत्य और संगीत विद्या का ज्ञान प्राप्त करने के लिए मुहूर्त्त

ज्योतिष या खगोल विद्या का ज्ञान प्राप्त करने के लिए मुहूर्त्त

वेद और शास्त्रों सम्बन्धी विद्या का ज्ञान प्राप्त करने के लिए मुहूर्त्त

व्यापार

1. व्यापार का शुभारम्भ (संक्षिप्त)

2. व्यापार का शुभारम्भ (व्यापक)

3. वाहनों का खरीदना एवं बेचना।

4. सोना तथा उसके जेवरों का व्यापार करना।

5. रत्न कटींग तथा पोलिष करना।

औद्योगिक प्रतिष्ठान

1. भूमि पूजन/नींव डालना।

2. औद्योगिक प्रतिष्ठान का शुभारम्भ।

3. मशिन को किसी विशेष स्थान पर लगाने का।

4. मशिन को चलाने का।

चिकित्सा

1. अपना इलाज चालू करवाना।

2. सर्जरी करवाना।

3. हास्पिटल से वापिस आने का।

चुनाव

1. चुनाव में नामांकन पत्र भरने का।

2. शपथ गृहण करने का।

3. नया पद ग्रहण या आसिन करने का।

4. विविध चुनाव अभियान

नौकरी

1. मैं कोई नौकरी षूरू कर सकता हॅुं?

2. मैं अपनी नौकरी से इस्तिफा दे सकता हुँ?

3. मैं कोई सरकारी अधिकारी से बोल सकता हुँ?

4. मैं अपना पदाभार चेंज या बदल सकता हुँ?

न्यायालय

1. मुकदमें की अर्जी कब लगाना।

2. समझौता करे या नहीं।

मकान का निर्माण

1. भूमि पूजन/नींव डालना (गृहनिर्माण)

2. नव गृह प्रवेश का।

3. क्षतिग्रस्त मकान को जब व्यक्ति पुनरुद्धार (नवसंस्कृत) प्रवेष करना।

4. किराये के मकान में प्रवेश।

5. मकान खरीदने का।

6. मकान बेचने का।

7. मकान का पुर्णनिर्माण करवाना।

8. भवन घ्वंस मुहूर्त्त

9. वास्तु देव की प्रतिष्ठा पूजन करने के लिए मुहूर्त्त

चिन्तन करना

1. मैं शेयर खरीद सकता हुँ?

2. इस समय मैं शेयर बेच सकता हुँ?

3. मैं लाटरी खरीद सकता हुँ?

4. मैं ताष खेल सकता हुँ?

5. मैं घोडा रेस में पैंसा लगा सकता हुँ?

6. मैं सोने का काम कर सकता हुँ?

7. इस समय मैं माल खरीद सकता हुँ?

8. इस समय मैं माल बेच सकता हुँ?

9. मैं केसीनो खेल सकता हुँ?

10. मैं जूआ खेल सकता हुँ?

निर्माण

1. पूल का निर्माण।

2. समाज का निर्माण।

3. बहुमंजिला इमारत का निर्माण।

अधिकार

1. मैं अपना पैसा उधार दे सकता हुँ?

2. मैं अपना पैसा बैंक में जमा करा सकता हुँ?

3. मैं किसी को लोन दे सकता हुँ?

4. मुझे लोन प्राप्त होगा ?

5. मैं लोन कब चुका सकता हुँ?

6. मेरा बकाया पैसा वापिस मिल जायेगा ?

विविध/फूटकर

1. सभी कार्यो को करने का।

2. फिल्म का निर्माण करने का मुहूर्त्त।

3. फिल्म को प्रारम्भ करने का।

4. आवेदन भरने का मुहूर्त्त।

5. सम्पत्ति को बांटना या विभाजन करने का।

6. व्यक्ति को काम पर लगाने का।

7. बहियों में लिखने का।

8. फसल को प्राप्त करना या काटना।

9. बिज बोने का मुहूर्त्त।

मंदिर

1. मैं मंदिर बनवा सकता हुँ?

2. मैं मुर्ति बनवा सकता हुँ?

3. मैं भगवान की प्रतिष्ठा करवा सकता हुँ?

4. मैं देवी की प्रतिष्ठा करवा सकता हुँ?

5. मैं भगवान की प्रतिष्ठा घर में करवा सकता हुँ?

रत्न धारण

1. रत्न खरीदने के लिए मुहूर्त

2. रत्न की प्राण प्रतिष्ठा

3. माणिक रत्न धारण हेतु

4. मोती रत्न धारण हेतु

5. मुंगा रत्न धारण हेतु

6. पन्ना रत्न धारण हेतु

7. पुखराज रत्न धारण हेत

9. हीरा रत्न धारण हेतु

10. नीलम रत्न धारण हेतु

11. गोमेद का रत्न गोमेद रत्न धारण हेतु

12. केतु का रत्न लहसुनिया धारण हेतु

दीपावली

1. दीपावली मुहूर्त्त किसी भी राज्य के अपने समीपवर्ती नगर के मुहूर्त्त को प्रयुक्त कर सकते है।

कालसर्प योग पूजा मुहूर्त्त

नारायण बली पूजा

वाहन

1. मैं नयी गाड़ी खरीद सकता हुँ?

2. मैं पुरानी गाड़ी खरीद सकता हुँ?

3. मैं गाड़ी बेच सकता हुँ?

4. मैं नयी गाड़ी पर कब बैठ कर चला सकता हुँ?

सम्पत्ति

1. मैं कोई सम्पत्ति बेच सकता हुँ?

2. मैं कोई सम्पत्ति खरीद सकता हुँ?

3. मैं कोई दूकान खरीद सकता हुँ?

4. मैं कोई दूकान बेच सकता हुँ?

5. मैं अपनी दूकान खोल/खाली करा सकता हुँ?

यात्रा

1. पुर्व दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में छोटी यात्रा)

2. दक्षिण दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में छोटी यात्रा)

3. पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में छोटी यात्रा)

4. उत्तर दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में छोटी यात्रा)

5. पुर्व दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में लम्बी यात्रा)

6. दक्षिण दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में लम्बी यात्रा)

7. पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में लम्बी यात्रा)

8. उत्तर दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (देश में लम्बी यात्रा)

9. पुर्व दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (विदेश में)

10. दक्षिण दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (विदेश में)

11. पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (विदेश में)

12. उत्तर दिशा की ओर प्रस्थान करने का। (विदेश में)

यज्ञ-अनुष्ठान

1. हवन पूजा की सामग्री काम में लेने के लिए मुहूर्त्त

2. हवन शुरु करने का मुहूर्त्त

बोरिंग

1. ट्यूब वेल खोदना, बोरिंग, कुँआ, तालाब आदि के निर्माण का मुहूर्त्त।